म्यांमार में और खतरनाक हुई सेना, 12 लोगों को उतारा मौत के घाट
नेपीडॉ
म्यांमार में मिलिट्री शासन लोगों के लिए बेहद खतरनाक होती जा रही है और लोकतंत्र समर्थको के खिलाफ गोलियां चलवाने से भी नहीं हिचक रही हैं। म्यांमार में एक बार फिर से सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 7 लोगों को सेना ने गोली मार दी। जिससे सातों प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। म्यांमार के सबसे बड़े शहर मांडले में जहां चार प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है वहीं पयाय शहर में दो प्रदर्शनकारियों की जान सेना ने ली है। जबकि यंगून में एक प्रदर्शनकारी को गोली मारी गई है। म्यांमार में खूंखार बनी सेना म्यांमार में सैन्य तानाशाही पर अब क्रूरता के हर पैमाने को पार करने लगी है। लगातार लोगों के ऊपर गोलियां चलवा रही है।
म्यांमार से भागकर भारत आए पुलिस के जवानों ने खुलासा किया था कि उन्हें प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने का ऑर्डर दिया जा रहा है और मना करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती थी, इसीलिए वो भागकर भारत पहुंचे हैं। वहीं, दावा किया जा रहा है कि म्यांमार में सात से ज्यादा लोगों की सेना ने हत्या की है और कई मरने वालों की संख्या को सेना ने छिपा लिया है। बताया जा रहा है कि सेना ने कई शवों को अपने कब्जे में ले लिया है जबकि कई घायलों को सेना की निगरानी में इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति काफी नाजुक है। वहीं, ह्यूमन राइट वाच के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर केनथ रोथ ने दावा किया है कि शनिवार को सेना ने 12 से ज्यादा लोगों की हत्या कर दी है।
पब्लिक के खिलाफ युद्ध ह्यूमन राइट वाच के एग्जक्यूटिव डायरेक्टर केनथ रोथ ने दावा किया है कि ऐसा लगता है कि म्यांमार में सेना ने जनता के खिलाफ ही युद्ध का ऐलान कर दिया है और शांतिपूर्ण भीड़ पर भी गोलियां चलाई जा रही है। वहीं, यूएन के स्पेशल रिपोर्टर टॉम एंड्रयू ने अब वक्त आ गया है जब यूनाइटेड नेशंस को म्यांमार में सीरियस होकर दखल देना चाहिए और म्यांमार सेना के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि म्यांमार में सेना ने आतंक मचा रहा है और सेना
#म्यांमार में और खतरनाक हुई सेना

पाठको की राय